एल्गार परिषद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने गौतम नवलखा की जमानत पर रोक बढ़ा दी

सुप्रीम कोर्ट ने एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में कार्यकर्ता गौतम नवलखा को जमानत देने के अपने आदेश के क्रियान्वयन पर बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को सोमवार को बढ़ा दिया।

न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एस वी एन भट्टी की पीठ ने मामले को मार्च के पहले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया।

पीठ ने कहा, ”इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि उच्च न्यायालय ने पहले ही रोक लगा दी है, उसे सुनवाई की अगली तारीख तक बढ़ा दिया गया है।”

यह दूसरी बार है जब शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को बढ़ाया है। इससे पहले इसे 5 जनवरी को बढ़ाया गया था.

शीर्ष अदालत नवलखा को दी गई जमानत के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।

READ ALSO  No Scope for Hate Crimes on Basis of Religion in Secular Country Such As India: SC

बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले साल 19 दिसंबर को नवलखा को जमानत दे दी थी, लेकिन संघीय आतंकवाद विरोधी जांच एजेंसी एनआईए द्वारा शीर्ष अदालत में आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए समय मांगने के बाद अपने आदेश को तीन सप्ताह के लिए स्थगित रखा था।

10 नवंबर, 2022 को शीर्ष अदालत ने नवलखा को, जो उस समय नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद थे, उनके बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण घर में नजरबंद करने की अनुमति दी थी।

एनआईए की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने नजरबंदी के आदेश का विरोध किया था।

वह फिलहाल नवी मुंबई में नजरबंद हैं।

READ ALSO  Supreme Court Transfers Gyanvapi Case to District Judge Varanasi- Know More

यह मामला 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद सम्मेलन में दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित है, जिसके बारे में पुलिस का दावा है कि अगले दिन पश्चिमी महाराष्ट्र शहर के बाहरी इलाके में कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा भड़क उठी।

मामले में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) से जुड़े होने के आरोपी कम से कम 16 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से पांच फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

READ ALSO  बरी होने के बाद बर्खास्तगी अन्यायपूर्ण: हाईकोर्ट ने 33 साल बाद कर्मचारी को बहाल करने का दिया आदेश
Ad 20- WhatsApp Banner

Related Articles

Latest Articles