सुप्रीम कोर्ट ने इंफ्रास्ट्रक्चर वॉचडॉग नामक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें स्मार्टवर्क्स कोवर्किंग स्पेसेज़ लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को चुनौती दी गई थी।
न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति ए. एस. चंदुरकर की पीठ ने मुंबई स्थित सिक्योरिटीज अपीलीय न्यायाधिकरण (SAT) के 16 जुलाई के आदेश को बरकरार रखा, जिसमें एनजीओ की याचिका खारिज कर दी गई थी।
शीर्ष अदालत ने अपने 25 अगस्त के आदेश में कहा, “हम मुंबई स्थित सिक्योरिटीज अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा पारित आदेश में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं। तदनुसार, दीवानी अपील खारिज की जाती है।”

एनजीओ ने अपनी याचिका में स्मार्टवर्क्स की आईपीओ दस्तावेज़ीकरण और घोषणाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाया था। हालांकि SAT ने अपने आदेश में कहा कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने इस मामले की विस्तृत समीक्षा की है और स्मार्टवर्क्स की घोषणाएं व दस्तावेज़ नियमानुसार सही पाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद स्मार्टवर्क्स के आईपीओ पर कोई रोक नहीं रहेगी और कंपनी को आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।