पालम नाले में प्रदूषण पर NGT सख्त, MCD और दिल्ली सरकार को नियमित सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने द्वारका स्थित पालम नाले में प्रदूषण की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए नगर निगम (MCD) और दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (IFCD) को इसके नियमित रखरखाव और सफाई के लिए त्वरित कदम उठाने का निर्देश दिया है।

मामला द्वारका सेक्टर-3 के पास बहने वाले पालम नाले से जुड़ा है, जहां एक याचिका के माध्यम से आरोप लगाया गया था कि आसपास के क्षेत्रों से बिना शोधन किया गया सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट सीधे नाले में डाला जा रहा है। इससे इलाके में प्रदूषण बढ़ने और निवासियों के स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न होने की बात कही गई।

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याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि संबंधित एजेंसियां नाले की समय-समय पर सफाई और सिल्ट हटाने का काम नहीं कर रहीं, जिसके कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

23 मार्च को पारित आदेश में विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की पीठ ने स्पष्ट किया कि पालम नाले की नियमित निगरानी, सफाई और रखरखाव जरूरी है। पीठ ने कहा कि इस जिम्मेदारी का निर्वहन एमसीडी और आईएफसीडी दोनों को मिलकर करना होगा।

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मामले का निपटारा करते हुए अधिकरण ने दोनों विभागों को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ता की शिकायतों पर ध्यान दें और बिना देरी के आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं।

अधिकरण ने अपने आदेश में कहा, “अतः हम इस मूल आवेदन का निपटारा करते हुए एमसीडी और आईएफसीडी को निर्देश देते हैं कि वे आवेदक की शिकायत पर विचार करें और शीघ्र उचित सुधारात्मक कार्रवाई करें।”

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