पेंशन वितरण में देरी के लिए उड़ीसा हाईकोर्ट ने सीएमसी आयुक्त पर जुर्माना लगाया

हाल ही में उड़ीसा हाईकोर्ट ने पेंशन भुगतान में काफी देरी के कारण कटक नगर निगम (सीएमसी) आयुक्त अनम चरण पात्रा पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति एस के पाणिग्रही ने आयुक्त को सेवानिवृत्त सामुदायिक आयोजक ऋषिकेश पाणि को जुर्माना भरने का आदेश दिया, जिन्हें 28 फरवरी, 2022 को अपनी सेवानिवृत्ति के बाद से ढाई साल से अधिक समय से पेंशन लाभ नहीं मिला था।

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न्यायमूर्ति पाणिग्रही ने कहा कि पेंशन सहित सेवानिवृत्ति बकाया राशि के वितरण में देरी, एक कर्मचारी के संपत्ति के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन करती है। उन्होंने नगरपालिका अधिकारियों को सेवानिवृत्ति लाभों के बारे में विशेष रूप से सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि ये भुगतान तुरंत किए जाएं।

कटक नगर निगम से सेवानिवृत्त होने से पहले हृषिकेश पाणि ने भुवनेश्वर नगर निगम और जलेश्वर नगर पालिका में समय सहित विभिन्न नगर पालिकाओं में 29 वर्षों तक सेवा की थी। सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने जलेश्वर नगर पालिका द्वारा जारी संशोधित अंतिम वेतन प्रमाणपत्र (LPC) पर गणना करके 1 मार्च, 2022 से अनंतिम पेंशन भुगतान की मांग की। उनकी याचिका में विलंबित भुगतान पर 18% वार्षिक ब्याज का अनुरोध भी शामिल था, जो देरी के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान को दर्शाता है।

जून 2022 में शहरी और आवास विकास विभाग के प्रमुख सचिव और कटक कलेक्टर जैसे विभिन्न अधिकारियों के प्रयासों और अपीलों के बावजूद, हाईकोर्ट के हस्तक्षेप तक उनकी कार्रवाई की मांग अनुत्तरित रही।

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