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मकान मालिक को फंसाने वाले पुलिसकर्मियों को कोर्ट का नोटिस

राजधानी—- दिल्ली हाई कोर्ट ने वर्ष 2012 में हुई एक चोरी के मामले में घर के मालिक को फसाने पर पुलिसकर्मियों पर कोर्ट की गाज गिरी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को नोटिस भेजा है। 

लोअर कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने वाली याचिका पर जस्टिस योगेश खन्ना की बेंच ने कोर्ट के रजिस्ट्रार को भी नोटिस किया।

रजिस्ट्रार जनरल की शिकायत पर पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा शुरू किया गया था। 

याचिकाकर्ता मंजीत सिंह चुग ने पुलिस कर्मियों को आरोप से मुक्त करने के लोअर कोर्ट के आदेश को खारिज करने की मांग की थी।

याचिकाकर्ता के पक्षकार एडवोकेट जगमोहन सिंह ने याचिका दाखिल कर कहा था कि पर्याप्त साक्ष्य होने के बाबजूद लोअर कोर्ट ने दोषियों को आरोपमुक्त करार दिया। याची ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ दोबारा से मुकदमा चलाकर आरोप तय करने के निर्देश देने की मांग की है। 

दाखिल याचिका के मुताबिक मंजीत सिंह चुग ने अक्टूबर 2002 में घर में चोरी करते हुए आरोपित को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। इसमे आरोपित के शरीर मे चोट आई थी। लेकिन उसने कोर्ट में आरोप लगाया कि मंजीत सिंह और उसके पिता ने रॉड से हमला किया था। जिसके बाद पुलिस ने मंजीत और उनके पिता के विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज कर लिया था। 

लेकिन बाद में जांच पड़ताल के दौरान मंजीत और उनके पिता के खिलाफ दर्ज मुकदमा संदेह के घेरे में पाया गया था। इसके बाद हाई कोर्ट ने मंजीत और उनके पिता को निर्दोष बताते हुए बरी कर दिया था। और साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने वाले इंस्पेक्टर और दो सब इंस्पेक्टर पर समुचित कार्यवाही करने के आदेश दिए थे। इस मामले में लोअर कोर्ट ने 3 पुलिसकर्मियों को आरोपमुक्त कर दिया था। 

पूर्व सांसद बाल कुमार को कोर्ट से निराशा हाथ लगी, मुकदमा वापस लेने वाली अर्जी खारिज।


उत्तरप्रदेश—- रायबरेली जनपद शहर कोतवाली क्षेत्र से जुड़े एक अपराधिक मामले में लिप्त पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल कोर्ट से राहत नही मिली है। एमपी/एमएलए कोर्ट के स्पेशल जज विनोद कुमार बरनवाल ने राज्य की तरफ से दर्ज मुकदमा वापसी का प्रार्थना पत्र को अस्वीकार करते हुए खारिज कर दिया है। 
कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 25 मार्च की तारीख सुनिश्चित की है। कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार सिंह के अनुसार तकरीबन 13 वर्ष पूर्व इंदिरा नगर निवासी दल बहादुर सिंह ने पूर्व सांसद पटेल एंव अन्य लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया था। 
इस प्रकरण में शासन की तरफ से अभियोजन अधिकारी ने मुकदमा वापसी के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। 

सिमी सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार 122 लोग रिहा।


गुजरात—- सूरत की एक कोर्ट ने 122 लोगों को प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का सदस्य होने के आरोप में बरी कर दिया। इन लोगों को दिसंबर 2001 में हुई बैठक में हिस्सा लेने के बाद गैरकानूनी गतिविधियों रोकथाम कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान पांच आरोपियों की मौत हो चुकी है। 
मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट ए एन दवे की कोर्ट ने आरोपियों को शंका का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अभियोजन संतोषजनक और ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रहा,जिससे यह साबित हो सके कि ये लोग सिमी के सदस्य है। ऐसे में उन्हें यूपीए के अंतर्गत दोषी नही ठहराया जा सकता।

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