18 मार्च की विविध ख़बरें – 1

नेशनल हाइवे के किनारे गड्ढे बनाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा अच्छा आइडिया है। 

नई दिल्ली—-सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका के परीक्षण का निर्णय लिया जिसमे सरकार को राष्ट्रीय राज्यमार्ग सहित अन्य मार्गो के निर्माण के वक्त भी सार्वजनिक सेवाओं के लिए अनिवार्य रूप से नलिका(डक्ट) बनाने का निर्देश देने की गुहार लगाई गई है। 

याचिका में उल्लेख है कि ऐसा करने से सड़कों को रोजाना बेवजह खोदने की नौबत नही आएगी। सीजेआई बोबडे ने इसे अच्छा आइडिया बताते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 

याचिकाकर्ता हरिप्रिया पटेल ने कोर्ट के समक्ष कहा कि वह राष्ट्रीय राज्यमार्ग 10 पास रहती है। आए दिन राज्यमार्ग पर होने वाले मरम्मत कार्यों के लिए सड़कों को खोदने से लोगों को असुविधा होती है। बल्कि कई सड़क दुर्घटनाएं भी होती है। याचिका में कहा गया है कि इससे सरकारी पैसों का दुरुपयोग हो रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्रालय ने 25 नवंबर 2016 को दिशानिर्देश दिया था कि सड़कों के निर्माण के समय डक्ट बनाएं जाए,लेकिन इस दिशानिर्देश का पालन अनिवार्य रूप से नही किया जा रहा है। 

पशुपालन घोटाले में कोर्ट ने सहायक समीक्षा अधिकारी उमेश कुमार को फरार घोषित किया।

राजधानी—- पशुपालन विभाग में ठेका दिलाने के नाम पर इंदौर निवासी कारोबारी से करोड़ो रुपयों की ठगी करने वालो में शामिल सहायक समीक्षा अधिकारी उमेश कुमार मिश्र को भ्रष्टाचार निवारण के विशेष जज संदीप गुप्ता ने फरार घोषित कर दिया है।

इससे पूर्व विवेचक की तरफ से सरकारी अधिवक्ता प्रभा वैश्य ने आरोपी उमेश को फरार घोषित करने की मांग वाली अर्जी देकर कोर्ट से कहा कि इंदौर के कारोबारी मंजीत सिंह भाटिया ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वर्ष 2018 में पशुपालन विभाग में गेहूं, आटा, शक्कर व दाल की सप्लाई के टेंडर दिलाने के नाम पर आरोपियों ने उससे 9 करोड़ 72 लाख 12 हजार रुपये लिए थे।

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 इसके बाद विभाग के कथित उपनिदेशक एसके मित्तल से मुलाकात कराई और टेंडर मिलने की सूचना दी। पर जब वादी ने ऑनलाइन टेंडर की स्थिति देखी तो ज्ञात हुआ कि उसे टेंडर नही मिला है। बाद में यह भी पता चला कि जो सुनील गुर्जर,रूपक राय,संतोष मिश्रा, अमित मिश्रा,उमाशंकर तिवारी पशुपालन कार्यालय के उमेश कुमार मिश्र समेत अन्य सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर उसके साथ धोखाधड़ी की है। 

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