मेघालय हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में आय-व्यय का खुलासा किए बिना दिए गए गुजारा भत्ता आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का पालन करते हुए दिया, जिसमें गुजारा भत्ता के मामलों में दोनों पक्षों द्वारा अपनी संपत्तियों और देनदारियों का खुलासा अनिवार्य किया गया है। न्यायमूर्ति
