मेघालय हाईकोर्ट ने ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में कथित अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट की गंभीरता को देखते हुए स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रशासन को दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। इस हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत की खबर है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एच.एस. थांगखिउ और न्यायमूर्ति डब्ल्यू. डिएंगदोह की खंडपीठ ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आई रिपोर्टों के आधार पर थांगस्कु क्षेत्र में हुई घटना पर संज्ञान लिया और 9 फरवरी सुबह 10:30 बजे ईस्ट जयंतिया हिल्स के डिप्टी कमिश्नर और एसपी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया।
पीठ ने टिप्पणी की कि 14 जनवरी को हुई इसी तरह की घटना के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन जारी रहना चिंताजनक है। अदालत ने पूछा कि आखिरकार ऐसी स्थिति को जारी कैसे रहने दिया गया, और संबंधित अधिकारियों से इसका स्पष्टीकरण मांगा है।
- अवैध खनन में शामिल खदान मालिकों व संचालकों की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी।
- घटनास्थल से सभी आपत्तिजनक सामग्री जब्त करने के निर्देश।
- घायलों और पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना।
- अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश करना।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि उसके निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट के आदेश की प्रति डीसी और एसपी को ईमेल व हार्ड कॉपी के माध्यम से भेजने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, यह प्रति एडवोकेट जनरल को भी तत्काल सौंपी जाएगी।
पूर्वी जयंतिया हिल्स में लंबे समय से अवैध रैट-होल कोयला खनन एक बड़ी समस्या रही है। उच्च न्यायालय की यह सख्ती इस दिशा में प्रभावी सुधार की उम्मीद जगा रही है।

