माननीय न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत, मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा माननीय न्यायमूर्ति श्री विक्रम नाथ, न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में, माननीय न्यायमूर्ति श्री अरुण भंसाली, मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय/मुख्य संरक्षक, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल निर्देशन तथा माननीय न्यायमूर्ति श्री महेश चन्द्र त्रिपाठी, वरिष्ठ न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय/कार्यपालक अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में दिनांक 22-02-2026 को उत्तर प्रदेश के 74 जनपदों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविरों का आयोजन किया गया।
इन मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविरों के माध्यम से प्रदेश के समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा समाज के निर्बल वर्ग, दिव्यांगजन, बच्चों, महिलाओं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को प्री-कैंप के दौरान चिन्हित किया गया तथा पात्र व्यक्तियों को विभिन्न शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। साथ ही लाभार्थियों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के संबंध में जागरूक किया गया तथा उन्हें प्रभावी विधिक सेवाओं की जानकारी दी गई।
इन शिविरों के माध्यम से एक ही स्थान पर पात्र व्यक्तियों को विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। अनेक जनपदों में माननीय प्रशासनिक न्यायमूर्तिगण, इलाहाबाद उच्च न्यायालय एवं खण्डपीठ लखनऊ की गरिमामयी उपस्थिति रही। शिविरों के सफल आयोजन में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
सम्पूर्ण भारतवर्ष में इतने व्यापक स्तर पर पहली बार उत्तर प्रदेश के 74 जनपदों में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ एक ही स्थान पर पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हुआ, जो एक अविस्मरणीय पहल रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सायं 06:30 बजे तक कुल लाभार्थियों की संख्या 24,56,857 रही।

