यदि आप किसी लोन लेने वाले के गारंटर बनते है तो ये जानना ज़रूरी है

लॉ ट्रेंड डेस्क–जब कोई व्यक्ति लोन लेता है, तो उस व्यक्ति को लोन गारंटर की भी जरूरत पड़ती है। यह लोन गारंटर एक तरह से गवाही देते है की लोन लेने वाला व्यक्ति वक्त पर क़िस्त अदा करता रहेगा,वरना इसकी जिम्मेदारी लोन गारंटर की होगी, लेकिन लोन लेने वाले का गारंटर बनना इतना आसान नही है।

लोन लेने वाले व्यक्ति कि जितनी भूमिका होती है,उतनी ही लोन गारंटर की होती है। यदि आप किसी लोन लेने वाले का गारंटर बनने जा रहे है तो आपको कई बातों का ध्यान रखना होगा।

मान लीजिए आप जिस व्यक्ति के लोन गारंटर है और वो व्यक्ति लोन का भुगतान करने से मना कर देता है, तो आपको मुश्किल पैदा हो सकती है। दरअसल, इस स्थिति में बैंक आपसे लोन वापस करने के लिए कह सकता है। ऐसे में जानते हैं लोन गारंटर को लेकर क्या नियम हैं और कोई व्यक्ति लोन देने से मना कर दे तो उस व्यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

दिल्ली के अधिवक्ता श्री प्रेम जोशी ने बताया कि इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट के सेक्सन 128 के मुताबिक गारंटर के लिए ‘Surety’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है, और स्पष्ट तौर पर कहा गया है गारटंर का दायित्व मुख्य देनदार (लोन लेने वाला ) के साथ सह-विस्तृत है, जब तक कि किए गए कॉन्ट्रेक्ट से कुछ अलग ना हो.’ इसका अर्थ है कि इस स्थिति में गारंटर को प्रिसिंपल अमाउंट के साथ ब्याज और चार्ज देने होंगे, जो लोन में बकाया है.

ऐसे में लोन गारंटर बनते वक्त लोन रिपेमेंट कैपिसिटी का ख्याल रखें और भविष्य में आने वाले मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार रहें।

इसके अलावा अधिवक्ता श्री प्रेम जोशी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति लोन गारंटर होता है और लोन लेने वाला व्यक्ति लोन का भुगतान नहीं करता है तो इससे गारंटर के क्रेडिट स्कोर और सिबिल स्कोर पर भी असर पड़ता है, जिससे आपके लोन मिलने की संभावना कम हो जाती है।

ऐसे में जब भी किसी भी व्यक्ति के लिए लोन गारंटर बने तो उसके बारे में अच्छे से जान लें।

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आमतौर पर ये सलाह दी जाती है कि एक बार लोन गारंटर बनने के बाद अपने फैमिली मेंबर या दोस्त से मुलाकात करते रहें और लोन के बारे में जानकारी लेते रहें, साथ ही अपने क्रेडिट स्कोर की जानकारी रखें।

सीधे शब्दों में कहें तो आपको ध्यान रखना चाहिए कि अगला व्यक्ति लोन दे रहा है या नहीं। ऐसे में कई लोग तो लोन संबंधी पॉलिसी करवाने के लिए भी कहते हैं, इससे लोन लेने वाले शख्स के कुछ हो जाने पर इंश्योरेंस से लोन का भुगतान हो जाता है।

बता दें कि इंडियन कॉन्ट्रेक्ट एक्ट, गारंटर के पास अधिकार है कि वो बाद में अपने दोस्त से या जो भी व्यक्ति है, उससे बाद में लोन के पैसे हासिल कर सकता है। इसके अलावा अगर वो कानूनी सहायता लेता है तो कई मायनों में उन्हें मदद मिलती है।

Note: The Article is based on the input of Advocate Prem Joshi, Delhi

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