2017 अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामला: केरल हाईकोर्ट ने दिलीप समेत 10 आरोपियों को जारी किया नोटिस, राज्य की अपील पर मांगा जवाब

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2017 के चर्चित अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए अभिनेता दिलीप और अन्य आरोपियों से जवाब तलब किया है। राज्य सरकार ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दिलीप सहित चार आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती दी है और छह दोषियों को दी गई 20 वर्ष की सजा बढ़ाने की मांग भी की है।

न्यायमूर्ति ए.के. जयशंकरन नांबियार और न्यायमूर्ति जोबिन सेबेस्टियन की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए मामले में नोटिस जारी किया। अदालत ने उन सभी दस आरोपियों को नोटिस भेजा है जो इस मामले में ट्रायल का सामना कर चुके थे—इनमें छह दोषी और चार बरी किए गए आरोपी शामिल हैं।

ट्रायल कोर्ट ने अभिनेता दिलीप (आरोपी संख्या-8) के साथ-साथ चार्ली थॉमस (A7), सनिल कुमार उर्फ मेस्त्री सनिल (A9) और सारथ (A15) को आरोपों से मुक्त कर दिया था। राज्य सरकार ने अपनी अपील में कहा है कि इन आरोपियों को बरी किया जाना पूरी तरह अवैध और अनुचित है तथा इससे समाज में गलत संदेश जाता है।

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राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि दिलीप और अन्य बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ ट्रायल कोर्ट के फैसले को निरस्त कर उन्हें भी उन्हीं अपराधों के लिए दोषी ठहराया जाए जिनके लिए अन्य छह आरोपियों को सजा दी गई है।

ट्रायल कोर्ट ने मामले के पहले छह आरोपियों—सुनील एन.एस. उर्फ पल्सर सुनी, मार्टिन एंटनी, मणिकंदन बी., विजेश वी.पी., सलीम एच. और प्रदीप—को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह सजा पर्याप्त नहीं है।

अपील में कहा गया है कि अपराध की प्रकृति, पीड़िता द्वारा झेले गए मानसिक आघात और समाज में उत्पन्न भय को ध्यान में रखते हुए दोषियों की सजा और जुर्माना बढ़ाया जाना चाहिए।

अभियोजन के अनुसार, अभिनेता दिलीप ने मुख्य आरोपी पल्सर सुनी के साथ मिलकर इस अपराध की साजिश रची थी। आरोप है कि उन्होंने सुनी को अभिनेत्री का यौन उत्पीड़न करने और उसकी आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्डिंग करने के लिए उकसाया था, क्योंकि वह पीड़िता के प्रति दुश्मनी और बदले की भावना रखता था।

इस मामले में शुरुआत में कुल 15 आरोपी थे। इनमें से तीन को माफी देकर गवाह बना लिया गया, जबकि दो अन्य आरोपियों को केरल हाईकोर्ट ने पहले ही मामले से मुक्त कर दिया था। इसके बाद शेष 10 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चला।

यह घटना 17 फरवरी 2017 को हुई थी, जब एक बहुभाषी अभिनेत्री को कथित तौर पर चलती कार में अगवा कर लिया गया था। आरोप है कि हमलावरों ने करीब दो घंटे तक उन्हें कार में बंधक बनाकर रखा। अभियोजन के अनुसार, मुख्य आरोपी ने कार के भीतर अभिनेत्री के साथ यौन उत्पीड़न किया और अन्य आरोपियों की मदद से उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया।

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इस घटना ने केरल में व्यापक आक्रोश पैदा किया था और पूरे देश का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित हुआ था। जांच के दौरान अभिनेता दिलीप को साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन करीब छह साल चले ट्रायल के बाद अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया था।

अब राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए केरल हाईकोर्ट इस मामले में बरी किए गए आरोपियों की भूमिका और दोषियों को दी गई सजा की पर्याप्तता की दोबारा समीक्षा करेगा।

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