केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटथिल को बलात्कार और गर्भपात के लिए मजबूर करने के मामले में दी गई अंतरिम गिरफ्तारी से राहत को दो सप्ताह के लिए बढ़ा दिया। अदालत अब इस मामले में सुनवाई 21 जनवरी को करेगी।
न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन की एकलपीठ ने ममकूटथिल की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। विधायक ने तिरुवनंतपुरम की सत्र अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी anticipatory bail याचिका खारिज कर दी गई थी।
याचिका में ममकूटथिल ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि उनसे किसी तरह की कस्टोडियल पूछताछ की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके और शिकायतकर्ता के बीच संबंध आपसी सहमति से थे, लेकिन जब संबंध बिगड़े तो उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया।
शिकायतकर्ता महिला ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ममकूटथिल की अग्रिम जमानत का विरोध किया है और मामले में खुद को पक्षकार बनाए जाने की मांग की है।
बता दें कि विधायक ममकूटथिल पुलिस द्वारा यौन उत्पीड़न और जबरन गर्भपात के आरोप में पहला केस दर्ज होने के बाद से फरार हो गए थे। हालांकि, 6 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद उन्होंने वापसी की और 11 दिसंबर को पलक्कड़ में स्थानीय निकाय चुनाव में मतदान किया।
कांग्रेस पार्टी ने उन्हें 4 दिसंबर 2025 को ही निष्कासित कर दिया था।
यह मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बना हुआ है और इसे लेकर विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाए हैं। अब 21 जनवरी को मामले में अगली सुनवाई होगी।

