केरल हाईकोर्ट ने पी एस संथकुमार को वर्ष 2026-2027 के कार्यकाल के लिए सबरीमाला मंदिर का नया कार्यकारी अधिकारी (एग्जीक्यूटिव ऑफिसर) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। वर्तमान में सांस्कृतिक मामलों के निदेशक के पद पर कार्यरत संथकुमार, ओ जी बीजू का स्थान लेंगे। सबरीमाला मंदिर के विभिन्न पदों पर बीजू को लगातार बनाए रखने को लेकर हाईकोर्ट ने पहले सवाल उठाए थे।
त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने हाईकोर्ट के एक पुराने निर्देश के बाद बीजू के तबादले और उनकी जगह संथकुमार की नियुक्ति के लिए आवेदन दायर किया था। हाईकोर्ट ने बोर्ड को पहले निर्देश दिया था कि वह अपने प्रबंधन के अधीन आने वाले प्रमुख मंदिरों में केवल कुशल और ईमानदार अधिकारियों को ही प्रशासनिक व कार्यकारी पदों पर तैनात करना सुनिश्चित करे।
कोर्ट की खंडपीठ का निर्देश
जस्टिस राजा विजयाराघवन वी और जस्टिस के वी जयकुमार की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने टीडीबी की याचिका को स्वीकार करते हुए संथकुमार को 16 जुलाई से आधिकारिक तौर पर अपना नया कार्यभार संभालने की अनुमति दी।
विजिलेंस और ऑडिट रिपोर्ट में मिली क्लीन चिट
संथकुमार की नियुक्ति को हरी झंडी देने से पहले हाईकोर्ट ने उनके पिछले रिकॉर्ड और साख की जांच की। बोर्ड के विजिलेंस और सुरक्षा विंग के मुख्य सुरक्षा व सतर्कता अधिकारी (पुलिस अधीक्षक) द्वारा की गई जांच में संथकुमार के खिलाफ कोई भी प्रतिकूल बात सामने नहीं आई। संथकुमार पहले भी सबरीमाला के प्रशासनिक अधिकारी के रूप में काम कर चुके हैं और उस कार्यकाल के दौरान उनका रिकॉर्ड पूरी तरह साफ रहा था।
इसके साथ ही, टीडीबी के ऑडिट विंग ने भी संथकुमार के पिछले कार्यकाल के दौरान की सबरीमाला ऑडिट रिपोर्ट की जांच की। ऑडिट विंग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि संथकुमार पर किसी भी तरह की सरकारी राशि बकाया नहीं है। देवस्वोम बोर्ड ने भी अदालत को आश्वस्त किया कि संथकुमार पर कोई वित्तीय देनदारी लंबित नहीं है, जिसके बाद अदालत ने इस नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया।

