झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुजीत नारायण प्रसाद ने पेशरार में हुई घटना पर लिया संज्ञान, दी गई सहायता राशि 

लोहरदगा में डायन बिसाही के आरोप में हत्या के मामले में माननीय न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने संज्ञान लिया है।  

लोहरदगा जिले के पेशरार थाना क्षेत्र अंतर्गत केकरांग बरटोली गाँव में डायन बिसाही के आरोप में एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या के मामले में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने संज्ञान लिया है। दैनिक अखबार में छपी खबर के पश्चात माननीय न्यायमूर्ति ने लोहरदगा जिले के प्रधान जिला न्यायाधीश को निर्देश दिया कि इस मामले में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोषियों की गिरफ़्तारी सुनिश्चित हो साथ ही साथ पीड़ित को सहायता प्रदान की जाए। 

इसी आदेश के आलोक में प्रधान जिला न्यायाधीश ने एक टीम का गठन किया। टीम ने पीड़ित के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। 

माननीय न्यायमूर्ति के आदेशानुसार पीड़ित को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में २००००/- रुपये का चेक प्रदान किया गया। पीड़ित को निःशुल्क विधिक सहायता तथा पीड़ित मुआवजा स्कीम के तहत मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गयी है। 

माननीय न्यायमूर्ति श्री सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश पर पीडीजे लोहरदगा ने एसपी सदिक अनवर रिजवी एवं एसडीपीओ वेदान्त शंकर के साथ बैठक कर अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ़्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। 

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कार्यकारी अध्यक्ष झालसा ने निर्देश दिया है की डालसा लोहरदगा संबंधित क्षेत्रों में विधिक जागरूकता शिविर कार्यक्रम का आयोजन करे साथ ही साथ लोगों को डोर टू डोर कैम्पैन के माध्यम से डायन बिसाही नामक कुरीतियों से दूर रहने तथा इससे संबंधित दंड के बारे में लोगों को बताए साथ ही साथ यदि आवश्यक हो तो उस क्षेत्र में अस्थाई विधिक सहायता केंद्र की भी स्थापना करे। 

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