भारत घुसपैठ की राजधानी नही बन सकता: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा

नई दिल्ली—- सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर केंद्र सरकार ने कहा कि भारत घुसपैठियों की राजधानी नही बन सकता। केंद्र ने जम्मूकश्मीर में शिविरों में रखे 150 से अधिक रोहिंग्या मुसलमान को म्यांमार भेजने से रोक लगाने की मांग वाली याचिका का विरोध जाहिर करते हुए कहा कि रोहिंग्या राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा है।साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्यों की रिहाई और उनके म्यांमार वापस भेजने के केंद्र के आदेश पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। 

सीजेआई एसए बोबडे,एंव जस्टिस एएस बोमन्ना और जस्टिस वी राम सुब्रमण्यम की संयुक्त पीठ के समक्ष केंद्र सरकार ने हलफनामा दाखिल कहा रोहिंग्या पूर्ण रूप से अवैध घुसपैठ हैं। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने इन घुसपैठियों की पहचान प्रक्रिया शुरू कर दी है। विदेशी अधिनियम के अंर्तगत 150 से अधिक को शिविरों में भेजा गया है। इन लोगों के पास वैध यात्र दस्तावेज नही है।

सरकार ने ये भी कहा रोहिंग्या दावा नही कर सकते कि जीवन जीने का अधिकार के तहत उन्हें भारत मे बसने का अधिकार है। वहीं रोहिंग्यों की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि हिरासत में रखे रोहिंग्यों को रिहा कर भारत मे ही रहने दिया जाय। 

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