[BREAKING] Allahabad High Court ने हाथरस मामले का लिया स्वतः संज्ञान

आज Allahabad High Court की लखनऊ बेंच ने हाथरस के मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है।

यह भयावह घटना का संज्ञान न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ द्वारा लिया गया है।

कोर्ट ने अपने आदेश की शरूआत में कहा कि कल गांधी जयंती है और हमें हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निम्नलिखित शब्दों की याद आती है, जिनका दिल कमजोर और दलितों के लिए धड़कता था-

तुम्हें एक जन्तर देता हूॅ। जब भी तुम्हें संदेह हो या तुम्हारा
अहम् तुम पर हावी होने लगे तो यह कसौटी आजमाओ
जो सबसे गरीब और कमजोर आदमी तुमने देखा हो
उसकी शकल याद करो और अपने दिल से पूछो कि जो कदम
उठाने का तुम विचार कर रहे हो वह उस आदमी के लिये
कितना उपयोगी होगा। क्या उससे उसे कुछ लाभ पहुॅचेगा ?
क्या उससे वह अपने ही जीवन और भाग्य पर कुछ काबू रख
सकेगा ? यानि क्या उससे उन करोड़ो लोगों को स्वराज्य मिल
सकेगा जिनके पेट भूखे हैं और आत्मा अतृप्त है ?
तब तुम देखोगे कि तुम्हारा संदेह मिट रहा है और अहम्
समाप्त होता जा रहा है।

आदेश में कहा गया है कि

आज, हम खुद को इस देश के नागरिकों और इस राज्य के निवासियों के मूल मानव / मौलिक अधिकारों को छूने वाले एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामले का संज्ञान लेने के लिए विवश हैं, जो कुछ समाचार पत्रों में दिखाए गए कार्यक्रमों पर आधारित है। 

मीडिया, के अनुसार, यूपी राज्य में जिला – हाथरस की 19 साल की एक युवा लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और इस प्रक्रिया में न केवल उसकी हड्डियाँ तोड़ दी गईं, बल्कि उसकी जीभ को भी इस इरादे से काट दिया गया है कि वह इस घृणित अपराध के अपराधियों के नाम का खुलासा न कर सके।

समाचार पत्रों, टीवी चौनल के कार्यक्रमों से पैदा हुई इस घटना से जनता में घृणा पैदा हुई है और सभी ने इसकी निंदा की है। इस मामले का एक और दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि पीड़िता ने लगभग दो सप्ताह तक जिंदगी की लड़ाई लड़ी, लेकिन अंततः उसने नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 29.09.2020 को दम तोड़ दिया। ऐसा कहा जाता है कि अपराध के कथित अपराधियों को पकड़ लिया गया है और इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा एसआईटी का गठन किया गया है।

हालांकि, फिलहाल हम इस बात से चिंतित हैं कि इसके बाद जो हुआ है। 29.09.2020 को पीड़िता की मौत के बाद हुई उसका दाह संस्कार जिस तरह कर दिया गया, वह कथित तौर पर हमारे विवेक को झकझोर कर रख दिया है, इसलिए, हम उसी के प्रति संज्ञान ले रहे हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के माध्यम से उत्तर प्रदेश राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, यूपी, लखनऊ, जिला मजिस्ट्रेट, हाथरस, पुलिस अधीक्षक, हाथरस को इस मामले में पक्षकार बनाया गया है। 

Allahabad High Court ने श्री जयदीप नारायण माथुर वरिष्ठ अधिवक्ता और श्री अभिनव भट्टाचार्य, एडवोकेट, जो हाईकोर्ट के वकील हैं, को एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया है और उनसे मामले में न्यायालय की सहायता करने का अनुरोध किया है।

कोर्ट ने लखनऊ स्थित कोर्ट के वरिष्ठ रजिस्ट्रार को द टाइम्स ऑफ इंडिया, द इंडियन एक्सप्रेस, हिंदुस्तान टाइम्स, अमर उजाला, इंडिया टीवी, आजतक, एनडीटीवी और टीवी टुडे और टाइम्स नाउ के पते प्राप्त करने का निर्देश दिया, जिससे उनसे इस मामले से संबंधित सामग्री प्राप्त की जा सकें।

इसे 12.10.2020 को सूचीबद्ध करने के लिए आगे निर्देशित किया गया है। उक्त तिथि को अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, यूपी लखनऊ, अपर महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, यूपी, जिला मजिस्ट्रेट, हाथरस, पुलिस अधीक्षक, हाथरस, कोर्ट के समक्ष उपस्थित होंगे और अपना पक्ष रखेंगे। वे मृतक पीड़ित के खिलाफ अपराध से संबंधित जांच की स्थिति के बारे में न्यायालय को भी अवगत कराएंगे।

यह आगे निर्देशित किया गया है कि मृतक पीड़ित के परिवार के सदस्य अर्थात पिता, माता, भाई और बहन भी कोर्ट के समक्ष उपस्थित होंगे ताकि कोर्ट उन तथ्यों और उनके घटनाओं का पता लगा ले जो दाह संस्कार के समय हुए थे ।

इस संबंध में Allahabad High Court ने जिला न्यायाधीश, हाथरस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि उक्त परिवार के सदस्य तय तारीख पर हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित हों।

Case Details:-

Title: In Re : Right to decent and dignified last rites/cremation”

Case No. PIL Civil 16150 of 2020

Date of order: 01.10.2020

Coram: Hon’ble Justice Rajan Roy and Hon’ble Justice Jaspreet Singh

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