आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड न करने पर नागरिकों को लाभ से वंचित नहीं रख सकती सरकार

हाल ही में कर्नाटक उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने कहा कि केंद्र या राज्य सरकार किसी भी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए लाभ से वंचिन नहीं सकती है क्योंकि उन्होंने आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड नहीं किया है।

यह आदेश माननीय मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और माननीय न्यायमूर्ति अशोक एस किन्गी की बेंच ने पारित किया है।

संक्षिप्त तथ्य

याचिका में मुख्यतः निम्न राहत मॉगी गयी हैः

आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड ना करने पर नागरिकों को किसी भी सेवा से वंचित ना किया जाये

आरोग्य सेतु ऐप के उपयोग से कोई भी डेटा एकत्र किया जाना चाहिए।

याचिका के अनुसार, कोविड प्रबंधन के लिए कार्मिक विभाग ने सभी निजी और सार्वजनिक कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप का उपयोग अनिवार्य कर दिया है।

याची के अनुसार यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 19 और अनुच्छेद 21 के अनुसार मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।

हाईकोर्ट के समक्ष कार्यवाही

केन्द्र सरकार के वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह अदालत में आपत्तियां दर्ज करने समय चाहते है।

महामारी के मद्देनजर कोर्ट ने वकील को आपत्ति दाखिल करने का समय दिया।

याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि कार्मिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, आरोग्य सेतु ऐप का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है।

इस का खंडन करते हुए सरकारी वकील ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के आदेश के अनुसार आरोग्य सेतु ऐप का उपयोग अनिवार्य नहीं है।

माननीय हाईकोर्ट ने उत्तरदाताओं को अपनी आपत्तियां 03.11.2020 तक दर्ज करने की अनुमति दी। अगली सुनवाई 10.11.2020 को होगी

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