भारत मे चीन जैसा अनुशासन संभव नही, स्वास्थ्य ढांचा में सुधार करें: हाई कोर्ट

अहमदाबाद—-गुजरात हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को इस बात को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र के ढांचे का विकास करना चाहिए की कोरोना संकट की तीसरी या चौथी लहर आ सकती है,क्योंकि जनता ने सोशल डिस्टनसिंग, मास्क लगाना,और सेनेटाइजर करना इत्यादि जैसे गाइडलाइंस का पालन करना छोड़ दिया है। 

कोर्ट ने माना कि भारत मे चीन जैसा अनुशासन लागू नही हो सकता है। जस्टिस भार्गव डी करिया और जस्टिस बेला त्रिवेदी की खंडपीठ ने गुजरात सरकार से कहा कि कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे में सुधार करना होगा। 

पीठ ने कहा कि कोरोना महामारी की तीसरी और चौथी लहर का क्या करें?तीसरी लहर के बाद चौथी लहर आएगी क्योंकि प्रदेश की जनता मास्क पहनना,सामाजिक दूरी रखना, और स्वच्छता जैसे नियमों का पालन नही कर रहे हैं। 

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी से कहा इस समझ के साथ आपको स्वम को तैयार करना होगा। जब कमल त्रिवेदी ने महामारी के मद्देनजर भारतवर्ष की तुलना यूरोपीय देशों से की तो कोर्ट ने कहा भारत की तुलना केवल सिर्फ एक देश चीन से की जा सकती है। जो कि बेमिसाल है।

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साथ ही कहा कि आपको केवल चीन से तुलना करनी होगी यह बेमिसाल है।वहां जैसा अनुशासन यहां लागू नही किया जा सकता। इसलिए स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर करिए। इस पर कमल त्रिवेदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा किसी ने सही कहा है कि हमने लोकतंत्र की कीमत चुकाई है। 

सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि सरकार कोविड 19 बचाव संबंधी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास कर रही है।

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