हाल ही में, दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया, जिसमें न्यायपालिका की गरिमा और अधिकार को बनाए रखने के अपने रुख को रेखांकित किया। मामला, “स्वयं संज्ञान बनाम वीरेन्द्र सिंह एडवोकेट” (CONT.CAS.(CRL) 4/2022), माननीय न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और माननीय न्यायमूर्ति मनोज जैन द्वारा सुनाया गया। मामले की पृष्ठभूमि याचिकाकर्ता ने इस मामले में
