दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल से मांगी पीएफआई पूर्व प्रमुख ई अबूबकर की स्वास्थ्य रिपोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पूर्व अध्यक्ष ई अबूबकर की स्वास्थ्य स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अबूबकर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल जेल में बंद हैं।

न्यायमूर्ति रवींद्र दूडे़जा ने यह आदेश 29 अगस्त को अबूबकर की उस अर्जी पर पारित किया, जिसमें उन्होंने निजी अस्पताल में इलाज की अनुमति मांगी थी। वर्तमान में उनका इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में चल रहा है।

अपनी अर्जी में अबूबकर ने कहा कि AIIMS में उन्हें संतोषजनक इलाज नहीं मिल रहा और अस्पताल के कर्मचारियों का रवैया उनके प्रति शत्रुतापूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि वह निजी अस्पताल में इलाज का पूरा खर्च उठाने के लिए तैयार हैं।

वहीं NIA ने इस अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी देश के सर्वश्रेष्ठ अस्पताल में उपचार प्राप्त कर रहे हैं। एजेंसी के वकील ने अदालत से कहा, “उन्हें और क्या चाहिए?”

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष की शुरुआत में स्वास्थ्य आधार पर अबूबकर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद घर में नजरबंदी (हाउस अरेस्ट) की उनकी वैकल्पिक मांग भी अस्वीकार कर दी थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने भी 28 मई 2023 को उनकी जमानत याचिका ठुकराते हुए कहा था कि आरोपपत्र में दर्ज सामग्री, संरक्षित गवाहों के बयान और SIMI (प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) से उनकी पुरानी निकटता यह दर्शाती है कि अभियोजन का मामला प्रथम दृष्टया सही है।

एनआईए के अनुसार, पीएफआई और उसके पदाधिकारी कथित रूप से देशभर में आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने की साजिश रच रहे थे। एजेंसी का दावा है कि संगठन अपने कार्यकर्ताओं को उग्र विचारधारा देने और प्रशिक्षण देने के लिए कैंप आयोजित कर रहा था।

READ ALSO  Delhi High Court Orders Removal of ‘Derogatory’ Song Linked to Honey Singh and Badshah, Cites Violation of Decency Standards

अबूबकर को 2022 में संगठन पर हुई देशव्यापी कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट ने अब इस मामले पर 26 नवंबर को अगली सुनवाई तय की है और एनआईए से जवाब मांगा है।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles