दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में फैमिली कोर्ट के उस आदेश की पुष्टि की है, जिसमें ‘लंबडा (बंजारा)’ अनुसूचित जनजाति से संबंधित एक महिला द्वारा हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 (HMA) के तहत दायर तलाक की याचिका को विचारणीय माना गया था। न्यायमूर्ति अनिल क्षत्रपाल और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि
