भारत में 26% कोर्ट कॉम्प्लेक्स में महिलाओं के लिए अलग शौचालय नहीं: SC रजिस्ट्री की रिपोर्ट

भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री ने देश के न्यायिक बुनियादी ढांचे के संबंध में डेटा संकलित किया है।

आंकड़ों के मुताबिक, 26 फीसदी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में महिलाओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है।

भले ही न्यायिक बुनियादी ढांचे की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों पर है। केंद्र सरकार न्यायिक बुनियादी ढांचे के उन्नयन/निर्माण और रखरखाव के संबंध में राज्यों के प्रयासों को बढ़ाने के लिए केंद्र प्रायोजित योजना लागू कर रही है।

योजना के तहत न्यायालय भवनों और न्यायाधीशों के लिए आवासीय परिसरों के निर्माण के लिए केंद्र शासित प्रदेशों/राज्यों को 8709.77 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

केंद्र सरकार ने 01/04/2021 से 31/03/2026 तक पांच साल के लिए विस्तार करने का निर्णय लिया है। योजना के लिए आवंटित कुल बजट रु. 9000 करोड़ और केंद्र का हिस्सा रु 5307 करोड़ है ।

अधीनस्थ और जिला अदालतों में शौचालय, वकील हॉल और डिजिटल कंप्यूटर रूम के निर्माण को कवर करने के लिए योजना का विस्तार किया गया है।

जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों में शौचालय निर्माण के लिए 47 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles