छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने यह महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत स्पष्ट किया है कि किसी अनुसूचित अपराध (Scheduled Offence) के होने से पहले खरीदी गई संपत्तियां प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) के तहत कुर्की से स्वतः सुरक्षित नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि “अपराध की आय”
