हाल ही में, केरल हाईकोर्ट ने कहा कि सुरक्षा कारणों से सीसीटीवी निगरानी कैमरे लगाने की आड़ में, व्यक्तियों को अपने पड़ोसियों के मामलों में तांक-झांक करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। न्यायमूर्ति वी.जी. अरुण याचिकाकर्ता के पड़ोसी/चौथे प्रतिवादी द्वारा कथित तौर पर याचिकाकर्ता के परिसर और निवास की ओर केंद्रित सीसीटीवी निगरानी कैमरे
