कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक गैर-हस्ताक्षरकर्ता (Non-signatory) डायरेक्टर के खिलाफ निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (NI) एक्ट के तहत चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि यदि शिकायत में किसी व्यक्ति की विशिष्ट भूमिका के बारे में “पूर्ण चुप्पी” (Total silence) है, तो यह क्षेत्राधिकार संबंधी कमी (Jurisdictional void) मानी जाएगी।
