कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को शब-ए-बारात के मौके पर अवैध और पर्यावरण के लिए खतरनाक पटाखों के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस विभाग को आदेश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि
“शब-ए-बारात के अवसर पर कोई भी ऐसा पटाखा न छोड़ा जाए जो अवैध हो अथवा पर्यावरण के लिए हानिकारक हो।”
इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी।
याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई थी कि शब-ए-बारात के दौरान बिना रोक-टोक के चलाए जाने वाले अवैध पटाखों से उन्हें और उनके परिवार को शारीरिक और मानसिक परेशानी होती है, और इस पर रोक लगाने के लिए समयबद्ध दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता की इस एकल शिकायत को संज्ञान में लेते हुए पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि
“त्योहार के दौरान याचिकाकर्ता और उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए।”
हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस आदेश के अनुपालन में उठाए गए कदमों की रिपोर्ट अगली सुनवाई तक दाखिल करें। यह मामला अप्रैल महीने की सूची में सुनवाई के लिए शामिल किया जाएगा।
उधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने शब-ए-बारात के अवसर पर बुधवार को राजकीय अवकाश घोषित किया है।

