मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ धार स्थित भोजशाला मंदिर–कमाल मौला मस्जिद परिसर से जुड़े सभी लंबित मामलों की सुनवाई करेगी। इंदौर पीठ में लंबित चार रिट याचिकाओं को प्रधान पीठ जबलपुर स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां पहले से एक रिट अपील लंबित थी।
याचिकाकर्ता संगठन ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ की ओर से पेश अधिवक्ता विनय जोशी के अनुसार, इंदौर पीठ में लंबित चार रिट याचिकाओं को जबलपुर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस विवाद से संबंधित एक रिट अपील पहले से ही जबलपुर की प्रधान पीठ में लंबित थी। अब सभी पांच मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा एक साथ की जाएगी।
इंदौर पीठ ने सोमवार को आदेश देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप लंबित मामलों को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए ताकि उन्हें जबलपुर में लंबित रिट अपील के साथ सुना जा सके।
सुप्रीम कोर्ट ने 22 जनवरी को पारित आदेश में कहा था कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने विवादित परिसर का वैज्ञानिक सर्वे पूरा कर लिया है और अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सीलबंद लिफाफे में सौंप दी है।
शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि:
- एएसआई रिपोर्ट को अनसील किया जाए
- संबंधित पक्षों को उसकी प्रतियां दी जाएं
- उन्हें आपत्तियां दाखिल करने का अवसर दिया जाए
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि आपत्तियां दाखिल होने के बाद मामले की अंतिम सुनवाई की जाए।
अदालत ने विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने और एएसआई के अप्रैल 2023 के आदेश का पालन जारी रखने का निर्देश भी दिया।
साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इंदौर पीठ में लंबित मुख्य रिट याचिका, जबलपुर में लंबित रिट अपील और अन्य संबंधित मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश या वरिष्ठतम न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा एक साथ की जाए।
भोजशाला–कमाल मौला परिसर एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक है। हिंदू पक्ष इसे देवी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है।
एएसआई के अप्रैल 2023 के आदेश के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में:
- प्रत्येक मंगलवार को हिंदुओं को पूजा की अनुमति है
- प्रत्येक शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति है
सुप्रीम कोर्ट के यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश के चलते यह व्यवस्था फिलहाल जारी रहेगी।
अब सभी याचिकाओं और रिट अपील की संयुक्त सुनवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की प्रधान पीठ, जबलपुर में मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा की जाएगी।

