इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा दायर उस याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें सीतापुर जिला कार्यालय को खाली कराने के नगर पालिका परिषद के नोटिस को चुनौती दी गई थी। यह आदेश नोटिस वापस लिए जाने के बाद पारित किया गया।
नगर पालिका परिषद, सीतापुर ने 7 जनवरी को सपा को 15 दिनों के भीतर जिला कार्यालय खाली करने का निर्देश दिया था। लेकिन गुरुवार को परिषद ने यह नोटिस औपचारिक रूप से वापस ले लिया।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि चूंकि संबंधित नोटिस को वापस ले लिया गया है, इसलिए अब याचिका पर आगे विचार की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अदालत ने समाजवादी पार्टी को यह स्वतंत्रता दी कि यदि भविष्य में कोई नया कदम उठाया जाता है तो वह कानून के तहत उसे चुनौती दे सकती है।
बुधवार को हुई सुनवाई में सपा के अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने दलील दी थी कि नोटिस त्रुटिपूर्ण है और पार्टी कार्यालय वैध पंजीकृत लीज डीड के आधार पर कब्जे में है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी लीज को समाप्त करने के लिए संबंधित पक्ष को दीवानी वाद के माध्यम से आदेश प्राप्त करना होगा।
गुरुवार को नगर पालिका परिषद की ओर से अधिवक्ता एस.सी. कशिश ने अदालत को सूचित किया कि उक्त नोटिस को उसी दिन वापस ले लिया गया है और आगे की कोई भी कार्रवाई उचित नियमों के तहत की जाएगी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि मौजूदा याचिका का निपटारा किया जा रहा है, लेकिन यदि भविष्य में कोई कार्रवाई की जाती है तो याचिकाकर्ता को उसे चुनौती देने का अधिकार रहेगा।

