D.El.Ed दूरस्थ शिक्षा पास अभ्यर्थियों को इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत

आज इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने डी॰एल०एड० दूरस्थ शिक्षा पास अभ्यर्थीयों को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति हेतु होने जा रही परीक्षा हेतु फ़ॉर्म भरने और परीक्षा में बैठने की अंतरिम राहत दी है ।

दरासल वर्ष 2017 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश के क्रम में NCTE द्वारा NIOS से डी॰एल०एड० दूरस्थ शिक्षा कराने की अनुमति दी गयी थी। यह अनुमति विशेष ऐसे अभ्यर्थियों के लिए थी जो उस समय किसी न किसी विद्यालय में पढ़ा रहे थे, परंतु शिक्षा का अधिकार अधिनियम आने के बाद निर्धारित की गयी योग्यता नहीं रखते थे।

इस वर्ष 1 मार्च 2021 को सहायक अध्यापक की नियुक्ति हेतु होने जा रही लिखित परीक्षा का विज्ञापन जारी किया गया। रेजिस्ट्रेशन हेतु ऑनलाइन पोर्टल पर केवल D.El.Ed का ऑप्शन था और डी॰एल०एड० दूरस्थ शिक्षा (ODL) का कोई ऑप्शन नहीं था, जिसके कारण डी॰एल०एड० दूरस्थ शिक्षा पास अभ्यर्थी फ़ॉर्म भरने में असमर्थ थे।

ऐसे ही कुछ अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट लखनऊ में रिट याचिका संख्या 6571/2021 (SS) दायर की।

याची के अधिवक्ता श्री समीर कालिया एवं श्री रजत राजन सिंह द्वारा यह कहा गया कि MHRD और NCTE ने स्पष्ट आदेश दिया है कि डी॰एल०एड० दूरस्थ शिक्षा दो वर्षीय D.EL.Ed के बराबर है और ऐसे अभ्यर्थियों को नयी भर्ती में शामिल होने का पूर्ण अधिकार है।

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जस्टिस राजन रॉय की पीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद, डी॰एल०एड० दूरस्थ शिक्षा पास अभ्यर्थियों को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति हेतु होने जा रही परीक्षा हेतु फ़ॉर्म भरने और परीक्षा में बैठने की अंतरिम राहत दी। कोर्ट ने विपक्षी को 3 हफ़्ते में जवाब लगने का आदेश दिया है और कहा है की ऐसे अभ्यर्थियों का अभ्यर्थन अंतिम आदेश के अधीन होगा।

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