सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि किसी दुर्घटना के कारण होने वाली किसी भी शारीरिक विकलांगता का आकलन विकलांगता से पीड़ित व्यक्ति द्वारा किए जा रहे कार्य की प्रकृति के आधार पर किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पारित फैसले को चुनौती
