सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि स्थायी निषेधाज्ञा के वाद में ज़मीन बेचने के लिए एक अपंजीकृत दस्तावेज/समझौता साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य नहीं होगा। न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पारित फैसले और आदेश को चुनौती देने वाली अपील से निपट रही थी, जिसके द्वारा उच्च
