मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को गहरा असंतोष व्यक्त किया कि देह की स्वतंत्रता के 75 वर्षों के बाद भी उच्च अधिकारियों के आवासों में वर्दीधारी अधिकारियों को अर्दली के रूप में नियुक्त करने की औपनिवेशिक प्रथा को प्रभावी ढंग से समाप्त नहीं कर सका। न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम ने कहा कि जिन कर्मियों को आग्नेयास्त्रों
