सुप्रीम कोर्ट ने नियमित पदोन्नति से इनकार करने या टालने वाले कर्मचारियों के वेतन वृद्धि के संबंध में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, नियमित पदोन्नति के प्रस्ताव को अस्वीकार करने वाले कर्मचारी, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा अगस्त 1999 में जारी कार्यालय ज्ञापन में उल्लिखित वित्तीय लाभों के हकदार नहीं
