नीट-पीजी 2026: आंसर-की और रिस्पॉन्स शीट सार्वजनिक करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और एनएमसी से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने नीट-पीजी 2026 परीक्षा में पारदर्शिता से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को केंद्र सरकार और नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर उनका जवाब तलब किया है। याचिका में अभ्यर्थियों के प्रश्न पत्र, उनके द्वारा दर्ज किए गए उत्तर और आधिकारिक आंसर-की जारी करने की मांग की गई है।

जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने इस नई याचिका को इसी मुद्दे पर पहले से लंबित अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ दिया है।

मूल्यांकन में पारदर्शिता की मांग

डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर इस याचिका में मांग की गई है कि परीक्षा में शामिल हुए प्रत्येक अभ्यर्थी को उसके कम्प्यूटर स्क्रीन पर दिखे वास्तविक प्रश्न और विकल्पों की जानकारी दी जाए।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उम्मीदवारों को उनकी दर्ज रिस्पॉन्स शीट के साथ-साथ आधिकारिक रूप से सही उत्तरों की सूची (आंसर-की) भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण अभ्यर्थियों के पास अपने मूल्यांकन की सत्यता और निष्पक्षता की स्वतंत्र रूप से जांच करने का कोई जरिया उपलब्ध नहीं है।

अगस्त और सितंबर में हुई थी परीक्षा

गौरतलब है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (नीट-पीजी) 2026 का आयोजन देशभर में 30 अगस्त को किया गया था। इसके बाद, जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर तकनीकी खराबी के चलते प्रभावित हुए छात्रों के लिए 5 सितंबर को अलग से पूरक परीक्षा आयोजित की गई थी।

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