केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने के दो मामलों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को चार्जशीट तैयार करने और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की जरूरी मंजूरी लेने की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी करने का निर्देश दिया है।
जस्टिस राजा विजयराघवन वी और जस्टिस केवी जयकुमार की बेंच ने बुधवार को सुनवाई के दौरान श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों की चौखट से सोना गायब होने के मामले में 25 अक्टूबर 2026 तक चार्जशीट तैयार करने का समय दिया। वहीं, द्वारपालक मूर्तियों से सोना गायब होने के दूसरे मामले में 25 नवंबर 2026 तक की समयसीमा तय की गई है।
हाईकोर्ट ने SIT को स्पष्ट निर्देश दिया कि दोनों मामलों की जांच तय समय के भीतर पूरी की जाए और इसमें अब कोई अनावश्यक देरी न हो।
श्रीकोविल मामले में 292 गवाह, SIT ने कोर्ट को दिखाई ड्राफ्ट चार्जशीट
सुनवाई के दौरान SIT ने श्रीकोविल मामले में तैयार की गई ड्राफ्ट चार्जशीट हाईकोर्ट के सामने पेश की। इस मामले में कुल 292 लोगों को गवाह बनाया गया है।
जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि सबरीमाला मंदिर की सोने की परत चढ़ी वस्तुओं से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। नेशनल मेटलर्जिकल लेबोरेटरी की यह रिपोर्ट 12 अक्टूबर तक मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच के नतीजों की प्रमाणित कॉपी भी अभी प्राप्त नहीं हुई है।
SIT ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं। ऐसे में मुकदमा चलाने के लिए जरूरी मंजूरी की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
जांच एजेंसी ने चार्जशीट को अंतिम रूप देने और अभियोजन की मंजूरी के लिए आवेदन करने को लेकर 25 अक्टूबर तक का समय मांगा था।
हाईकोर्ट ने ड्राफ्ट चार्जशीट का अध्ययन करने के बाद कहा कि SIT ने जिस सावधानी और विस्तार से जांच की है, उसे देखते हुए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध स्वीकार किया जा सकता है।
इसके बाद बेंच ने अपराध संख्या 3701/2025 में चार्जशीट तैयार करने और मुकदमा चलाने की मंजूरी प्राप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की समयसीमा 25 अक्टूबर 2026 तय कर दी।
द्वारपालक मूर्तियों के मामले में 25 नवंबर तक का समय
दूसरा मामला सबरीमाला मंदिर की द्वारपालक मूर्तियों से सोना गायब होने से जुड़ा है।
SIT ने हाईकोर्ट को बताया कि वर्ष 2025 में इन मूर्तियों को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने से जुड़ी घटनाओं को भी सोने की कथित हेराफेरी के मुख्य मामले की जांच में शामिल किया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, नेशनल मेटलर्जिकल लेबोरेटरी की रिपोर्ट मिलने के बाद चार्जशीट को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।
SIT ने इस मामले में 25 नवंबर तक का समय देने का अनुरोध किया था।
हाईकोर्ट ने जांच की प्रकृति, अब तक जुटाए गए साक्ष्यों और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए यह अनुरोध स्वीकार कर लिया।
बेंच ने अपराध संख्या 3700/2025 में जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि 25 नवंबर 2026 तक चार्जशीट तैयार करके मुकदमा चलाने की जरूरी मंजूरी के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाए।
तंत्री और तीन पूर्व TDB अध्यक्षों सहित 15 से अधिक गिरफ्तार
सबरीमाला मंदिर में सोने की कथित हेराफेरी से जुड़े इन दोनों मामलों में अब तक 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार लोगों में मंदिर के तंत्री कंदरारू राजीवरू और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के तीन पूर्व अध्यक्ष भी शामिल हैं।
दोनों मामलों में मंदिर के गर्भगृह की चौखट और द्वारपालक मूर्तियों से सोना गायब होने के आरोपों की जांच की जा रही है।
हाईकोर्ट ने SIT को निर्देश दिया कि वह निर्धारित समयसीमा का पालन करे और जांच को बिना किसी अतिरिक्त देरी के अंतिम नतीजे तक पहुंचाए।
मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को होगी।

