दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को अभिनेता सलमान खान को एक नोटिस जारी कर उस याचिका पर जवाब तलब किया है, जिसमें उनकी आगामी कथित फिल्म “काला हिरन: द बैटल फॉर लीगल” पर रोक लगाने संबंधी मुकदमे की सुनवाई स्थगित करने की मांग की गई है। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने यह नोटिस फिल्म निर्माता अमित जानी की अर्जी पर जारी किया। अर्जी में दलील दी गई है कि इस विवाद से जुड़ा लगभग समान मामला पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित है, इसलिए यह समानांतर मुकदमेबाजी का रूप लेता है।
समानांतर मुकदमेबाजी और एक समान राहत की दलील
निर्माता की ओर से दायर अर्जी के अनुसार, 59 वर्षीय अभिनेता ने पहले अपने पर्सनालिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) के संरक्षण के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उस मामले में अदालत ने 11 दिसंबर 2025 को एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा दी थी। इसके बाद सलमान खान ने उसी कानूनी कार्यवाही के भीतर एक नई अर्जी लगाकर विशेष रूप से इस प्रस्तावित फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की, जो अभी भी अदालत में लंबित है।
निर्माताओं का कहना है कि अभिनेता द्वारा दायर नए वाद में भी ठीक वही मुख्य राहत मांगी गई है जो पहले के मामले में मांगी जा चुकी है—अर्थात फिल्म की रिलीज, उसके सार्वजनिक प्रदर्शन और टीजर व प्रचार सामग्री के ऑनलाइन प्रसार पर पाबंदी लगाना।
सोशल मीडिया पर सामग्री हटाने का पिछला निर्देश
इससे पहले 27 जुलाई को हाईकोर्ट की एक समन्वय पीठ ने सलमान खान की आपत्ति के बाद फिल्म के टीजर और उससे संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट को विभिन्न ऑनलाइन मंचों से हटाने का अंतरिम निर्देश दिया था। उस समय पीठ ने स्पष्ट किया था कि फिल्म निर्माता अभिनेता की पूर्व अनुमति के बिना व्यावसायिक लाभ के लिए उनके नाम, हाव-भाव या विशिष्ट पहचान का इस्तेमाल नहीं कर सकते और न ही उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री का प्रसार कर सकते हैं।
अदालत ने यह टिप्पणी भी की थी कि डिजिटल सामग्री की तेज गति, व्यापक पहुंच और स्थायी स्वरूप को देखते हुए सोशल मीडिया पर व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करने या प्रतिष्ठा गिराने वाली सामग्री साझा करने से नुकसान कहीं अधिक बढ़ जाता है।
निर्माताओं का रुख और अभिनेता के आरोप
सलमान खान ने अपनी अर्जी में आरोप लगाया है कि फिल्म निर्माता अपनी फिल्म की चर्चा बटोरने और सुर्खियां बनाने के लिए काले हिरण शिकार प्रकरण को जानबूझकर सनसनीखेज रूप दे रहे हैं, जिससे उनकी व्यक्तिगत साख और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है। खान ने विभिन्न ई-कॉमर्स साइटों और सोशल मीडिया मंचों पर अपनी अनुमति के बिना नाम, तस्वीर और व्यक्तित्व के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने की भी मांग की है।
दूसरी ओर, फिल्म निर्माताओं ने अदालत में दलील दी है कि यह परियोजना सलमान खान की बायोपिक नहीं है। उनका तर्क है कि काले हिरण विवाद से जुड़े सार्वजनिक घटनाक्रमों पर पर्दा डालने या उन्हें जनता की स्मृति से मिटाने के लिए कोई भी व्यक्ति अपने व्यक्तित्व अधिकारों की आड़ नहीं ले सकता। इसके साथ ही निर्माताओं ने स्पष्ट किया कि फिल्म फिलहाल रिलीज के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि इसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) से प्रमाण पत्र मिलना बाकी है और इसका आधिकारिक ट्रेलर भी अब तक जारी नहीं किया गया है।

