मद्रास हाईकोर्ट ने वीडियो कॉल पर बुजुर्ग मां के थंब्स-अप इशारे के बाद बेटी को मिलने की अनुमति दी

मद्रास हाईकोर्ट ने एक 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला से उनकी बेटी को मिलने की अनुमति दे दी है। बोलने में असमर्थ बुजुर्ग मां ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने अंगूठा दिखाकर (थंब्स-अप का इशारा कर) अपनी बेटी से मिलने की इच्छा जताई थी।

जस्टिस ए डी जगदीश चंदिरा और जस्टिस आर पूर्णिमा की बेंच ने आदेश दिया कि बेटी को उसके भाई के घर जाकर मां से मिलने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने बेटी को निर्देश दिया है कि वह मुलाकात से पहले कीलांबक्कम पुलिस को सूचित करे और भाई को आदेश दिया है कि वह इस मुलाकात में किसी भी तरह की बाधा न खड़ी करे।

पारिवारिक विवाद और हिरासत के आरोप

यह मामला अमेरिका में रहने वाली बेटी द्वारा दायर की गई एक याचिका के बाद सामने आया। याचिकाकर्ता बेटी का आरोप था कि उसका छोटा भाई उनकी मां को मदुरै के एक पुनर्वास केंद्र से डॉक्टरों की सलाह के खिलाफ जबरन चेन्नई ले आया और उन्हें वहां अवैध रूप से अपने पास रखा है।

याचिकाकर्ता के अनुसार, वह अपनी मां के इलाज और देखभाल का पूरा खर्च एक निजी केयरटेकर के जरिए उठा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके छोटे भाई ने पहले ही उनके, उनकी मां और उनके दिवंगत भाई के वारिसों के खिलाफ संपत्ति के बंटवारे और अधिकारों की घोषणा को लेकर एक दीवानी मुकदमा दायर कर रखा है।

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बेटी के वकील ए कार्तिक ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल विशेष रूप से अपनी मां से मिलने के लिए अमेरिका से भारत आई थीं, लेकिन उनके भाई ने उन्हें मिलने नहीं दिया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अतिरिक्त लोक अभियोजक डी वेंकटेश के जरिए कीलांबक्कम पुलिस को निर्देश दिया था कि वे भाई के घर जाकर मां की स्थिति की जांच करें। इसके बाद पुलिस इंस्पेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुजुर्ग महिला को कोर्ट के सामने पेश किया।

वर्चुअल सुनवाई के दौरान जजों ने पाया कि बुजुर्ग महिला बोलने में असमर्थ थीं और केवल शारीरिक इशारों से अपनी बात कह पा रही थीं। जब जजों ने उनसे पूछा कि क्या वे अपनी बेटी से मिलना चाहती हैं, तो उन्होंने अंगूठा दिखाकर (थंब्स-अप) अपनी सहमति दी। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अपने बेटे के साथ रहना चाहती हैं, तो उन्होंने दोबारा यही इशारा किया।

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इलाज और खर्चों की जांच के आदेश

सुनवाई के दौरान भाई की ओर से पेश हुए वकील डी वेंकटेश ने कोर्ट को बताया कि भाई को अपनी बहन के मिलने पर कोई आपत्ति नहीं है।

मां की अत्यधिक उम्र और शारीरिक कमजोरी को देखते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश करने से मना कर दिया। इसके बजाय, बेंच ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वे मदुरै के अपोलो अस्पताल और पूवंती इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन एंड एल्डर केयर से संपर्क कर इस बात का सत्यापन करें कि अब तक मां की देखभाल और इलाज का खर्च कौन उठा रहा था।

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पुलिस द्वारा इस संबंध में जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही इस याचिका पर अंतिम आदेश जारी किया जाएगा।

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