हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) में व्याप्त कथित अव्यवस्था और ‘सांठगांठ’ पर कड़ा रुख अपनाते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एसोसिएशन में प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए सीबी-सीआईडी (CB-CID) के तहत एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया है।
यह आदेश सफीलगुडा क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष सी. संजीव रेड्डी द्वारा दायर एक रिट याचिका पर आया है। याचिकाकर्ता ने एचसीए के कामकाज में गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि यहां प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन और गवर्नेंस के स्तर पर लगातार और व्यवस्थागत विफलताएं (systemic failures) देखी जा रही हैं।
जस्टिस नागेश भीमापाका ने याचिका का निपटारा करते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) को एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया। इस जांच दल का नेतृत्व एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस रैंक के अधिकारी करेंगे।
अदालत ने स्पष्ट किया कि एसआईटी का काम एचसीए के प्रशासनिक, प्रबंधकीय और वित्तीय मामलों से जुड़ी शिकायतों की गहन जांच करना और उचित मामला दर्ज करना होगा। जांच को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए, कोर्ट ने एसआईटी को उन सभी रिकॉर्ड्स और सामग्रियों की जांच करने की छूट दी है, जो पहले से उपलब्ध हैं। इसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों द्वारा अतीत में सौंपी गई रिपोर्टें भी शामिल होंगी। इसके अलावा, जांच के दौरान सामने आने वाले नए साक्ष्यों को भी संज्ञान में लिया जाएगा।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एचसीए की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने टिप्पणी की कि निहित स्वार्थों (vested interests) के अत्यधिक हस्तक्षेप के कारण एसोसिएशन पूरी तरह से “मेस” (अव्यवस्था) में है।
संस्था में अनुशासन और शुचिता बहाल करने के उद्देश्य से हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अब एचसीए का कामकाज हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस पी. नवीन राव की देखरेख में होगा। जस्टिस राव वर्तमान में एचसीए के क्रिकेट मामलों की देखरेख करने वाली एक सदस्यीय समिति का हिस्सा हैं। अब उनकी भूमिका का विस्तार करते हुए उन्हें एसोसिएशन के समग्र कामकाज की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह जांच इस क्षेत्र की प्रमुख खेल संस्था में लंबे समय से चली आ रही कथित कुप्रबंधन की परतों को खोलने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

