कुंभ मेले की तैयारी के बीच नासिक में पेड़ों की कटाई पर NGT की रोक, सड़क चौड़ीकरण परियोजना पर लगा ब्रेक

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की पुणे बेंच ने नासिक-त्र्यंबकेश्वर में पेड़ों की कटाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले का सीधा असर आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए शहर में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर पड़ सकता है। ट्रिब्यूनल ने यह रोक 28 अप्रैल तक के लिए लगाई है। यह आदेश नासिक के ही एक पर्यावरणविद् मनीष बाविस्कर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान आया है।

मंगलवार को हुई सुनवाई में एनजीटी ने नासिक नगर निगम (NMC) को आदेश दिया कि वे पेड़ों की कटाई का काम तुरंत रोकें। साथ ही, ट्रिब्यूनल ने नगर निगम को 28 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है, जिसमें उन्हें इस परियोजना की आवश्यकता और औचित्य साबित करना होगा।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब नासिक नगर निगम ने गंगापुर रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ों को काटना शुरू किया। इस कार्रवाई का स्थानीय नागरिकों के एक बड़े वर्ग ने कड़ा विरोध किया। पर्यावरण की रक्षा के लिए सोमवार से ही नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जिसके बाद मामला कानूनी दहलीज तक पहुंच गया।

एक तरफ जहां पर्यावरण कार्यकर्ता इसे पारिस्थितिकी के लिए बड़ा नुकसान बता रहे हैं, वहीं नगर निगम का कहना है कि यह कदम जनहित और सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। नासिक की मेयर हिमगौरी अहेर-आडके ने गुरुवार को निगम के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि पेड़ों को काटने का निर्णय अचानक नहीं लिया गया है, बल्कि इसके पीछे बढ़ते सड़क हादसों और यातायात के दबाव जैसे गंभीर कारण हैं।

मेयर ने बताया, “पिछले कुछ वर्षों में शहर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।” पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में 46 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि 2015 से 2019 के बीच 31 लोगों की मौत हुई और 23 लोग घायल हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल उपाय करना बेहद जरूरी है।

READ ALSO  निर्माण में देरी पर तय दैनिक हर्जाने के लिए अलग से नुकसान साबित करना जरूरी नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत आर्बिट्रल अवार्ड में किया संशोधन

प्रशासन के लिए सड़क चौड़ीकरण की एक बड़ी वजह आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला भी है। यह मेला 31 अक्टूबर, 2026 से 24 जुलाई, 2028 तक चलेगा। अनुमान है कि इस दौरान करीब 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु नासिक आएंगे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों के प्रबंधन के लिए मुख्य सड़कों का चौड़ा होना अनिवार्य माना जा रहा है।

मेयर के मुताबिक, नगर निगम सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पर्यावरण अनुकूल उपाय कर रहा है और जहां संभव हो रहा है, पेड़ों के संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ते ट्रैफिक और आगामी कुंभ मेले को देखते हुए सड़कों का विस्तार अपरिहार्य है।

READ ALSO  धारावी पुनर्विकास टेंडर विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने सेकलिंक की याचिका की सुनवाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक टाली

इस मुद्दे पर शहर के लोग दो धड़ों में बंटे नजर आ रहे हैं। जहां एक तरफ पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन चल रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ नागरिकों ने पेड़ काटने के समर्थन में पोस्टर भी लगाए हैं। इन समर्थकों का मानना है कि पर्यावरण महत्वपूर्ण है, लेकिन जो पेड़ लोगों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं या विकास के काम में बड़ी बाधा हैं, उन्हें हटाना शहर के भविष्य के लिए जरूरी है।

अब सबकी नजरें 28 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं। एनजीटी को यह तय करना होगा कि कुंभ मेले की सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स संबंधी आवश्यकताओं और शहर की हरियाली को बचाने के बीच सही संतुलन कैसे बनाया जाए।

READ ALSO  एक दशक बाद अपील की सुनवाई हो तो दोषियों को फिर जेल भेजना उठाता है सवाल: सुप्रीम कोर्ट
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles