दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को अभिनेता राजपाल यादव को बड़ी राहत देते हुए चेक बाउंस मामले में उनकी छह महीने की जेल की सजा के निलंबन को 1 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि अभिनेता ने अब तक “पर्याप्त” भुगतान किया है, इसलिए फिलहाल उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा।
अदालत वर्तमान में ट्रायल कोर्ट के 2019 के उस फैसले के खिलाफ यादव की अपील पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उनकी सजा को बरकरार रखा गया था। सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने कहा, “मैं मुख्य याचिका पर आपकी बात सुन रही हूं। मैं उन्हें अभी जेल नहीं भेज रही हूं। उन्होंने पर्याप्त भुगतान किया है। मैं इस मामले पर फैसला करूंगी।” कोर्ट ने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए यादव से यह भी कहा कि उनके पास या तो पैसे वापस करने का विकल्प है या वे इस मामले को कानूनी रूप से लड़ सकते हैं।
एक दशक पुराना वित्तीय विवाद
यह कानूनी विवाद 2010 के एक लेन-देन से जुड़ा है। राजपाल यादव और उनकी पत्नी ने अपनी फिल्म के निर्माण के लिए ‘मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से कर्ज लिया था। अभिनेता के वकील के अनुसार, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही, जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हुआ और पुनर्भुगतान के लिए जारी किए गए चेक बाउंस हो गए।
अप्रैल 2018 में, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ की धारा 138 के तहत यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद 2019 में सेशंस कोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखा, जिसके बाद से यह मामला विभिन्न कानूनी चरणों से गुजर रहा है।
कोर्ट की टिप्पणियां और जमा की गई राशि
बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संज्ञान लिया कि यादव अब तक कुल ₹4.25 करोड़ जमा कर चुके हैं। कार्रवाई के दौरान अभिनेता के वकील ने ₹25 लाख का एक डिमांड ड्राफ्ट (DD) भी कोर्ट में पेश किया।
शिकायतकर्ता की उस अर्जी पर, जिसमें सजा के निलंबन को रद्द करने की मांग की गई थी, जस्टिस शर्मा ने अभिनेता का पक्ष लेते हुए कहा, “वह कहीं भाग नहीं रहे हैं… उन्होंने आपको (कुछ) पैसे दिए हैं। अगली तारीख पर, अगर मैं तय करती हूं कि पैसा आपको मिलना चाहिए, तो वह आपको मिल जाएगा। वह कोर्ट आ रहे हैं, वह जेल भी जा चुके हैं। धारा 138 में आप और क्या चाहते हैं?”
इससे पहले फरवरी में कोर्ट ने यादव के आचरण की आलोचना की थी क्योंकि उन्होंने भुगतान करने के अपने वादे को बार-बार तोड़ा था। हालांकि, 16 फरवरी को जब यादव ने शिकायतकर्ता के बैंक खाते में ₹1.5 करोड़ जमा किए, तब कोर्ट ने उनकी सजा को निलंबित करने का निर्णय लिया था।
हाईकोर्ट ने अब इस मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की है। तब तक अभिनेता की सजा निलंबित रहेगी, बशर्ते वह कोर्ट की शर्तों और समझौते की प्रक्रियाओं का पालन करते रहें।

