महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने वर्ष 2022 में हुई एक सड़क दुर्घटना में 25 वर्षीय युवक की मौत के मामले में उसके परिवार को ₹37.55 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। अधिकरण ने बीमा कंपनी को पहले यह राशि अदा करने और बाद में ट्रक मालिक से वसूल करने की अनुमति दी है।
MACT सदस्य आर. वी. मोहिटे ने अपने आदेश में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को निर्देश दिया कि वह पहले दावेदारों को मुआवजा दे। आदेश की प्रति 2 मार्च की है, जो शनिवार को उपलब्ध हुई।
दुर्घटना का घटनाक्रम
दावा याचिका के अनुसार, मृतक मोहित राजू कश्यप 18 अक्टूबर 2022 की रात पुणे जिले के तालेगांव-अंबेठान मार्ग पर मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए एक ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी गंभीर थी कि कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार ने अधिकरण के समक्ष दावा दायर करते हुए बताया कि कश्यप पेशे से रसोइया थे और उनकी मासिक आय लगभग ₹21,000 थी।
ट्रक चालक की लापरवाही पाई गई
मामले की सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दावे का विरोध किया। कंपनी का कहना था कि दुर्घटना में मृतक की भी लापरवाही थी और ट्रक के पास वैध परमिट नहीं था।
हालांकि, उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अधिकरण ने माना कि दुर्घटना के लिए ट्रक चालक पूरी तरह जिम्मेदार था।
आदेश में अधिकरण ने कहा कि ट्रक पीछे से आया और मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक का अगला दाहिना पहिया मृतक के सिर के ऊपर से गुजर गया, जो चालक की तेज और लापरवाह ड्राइविंग को दर्शाता है।
‘पे एंड रिकवर’ सिद्धांत लागू
अधिकरण ने पीड़ित परिवार को ₹37.55 लाख का मुआवजा देने का निर्देश दिया और कहा कि इस राशि पर दावा दायर किए जाने की तारीख से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
चूंकि दुर्घटना के समय ट्रक के पास वैध परमिट नहीं था, इसलिए अधिकरण ने ‘पे एंड रिकवर’ सिद्धांत लागू किया। इसके तहत बीमा कंपनी पहले मुआवजा राशि का भुगतान करेगी और बाद में ट्रक मालिक से उसकी वसूली कर सकेगी।

