“तुम्हारा घर-गांव सब पता है”: बिजनौर कोर्ट में उम्रकैद की सजा सुनते ही दोषियों ने जज को दी देख लेने की धमकी; सुरक्षा बढ़ाई गई

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की एक अदालत में उस समय हड़कंप मच गया जब हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनते ही दो दोषियों ने पीठासीन न्यायाधीश को खुलेआम जान से मारने की धमकी दे डाली। दोषियों ने चिल्लाते हुए कहा कि उन्हें न्यायाधीश का घर और गांव सब पता है और वे उन्हें नहीं छोड़ेंगे। इस घटना के बाद न्यायाधीश ने अपनी सुरक्षा को लेकर प्रदेश के गृह सचिव और डीआईजी समेत उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।

यह मामला थाना धामपुर क्षेत्र के गांव मटोरा दुर्गा का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 19 मई 2024 को पुखराज सिंह नाम के व्यक्ति अपने खेत पर काम कर रहे थे। इसी दौरान जयदीप, पिंटू चौहान और ऋषिपाल नाम के आरोपी वहां कार से पहुंचे और पुखराज सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपी उन्हें खींचकर सड़क पर ले गए और कार से कुचलकर उनकी हत्या कर दी।

मृतक की बेटी अंजलि ने कोर्ट में गवाही दी कि उसकी शादी जयदीप के भाई प्रदीप के साथ हुई थी। ससुराल पक्ष द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने के कारण उसने उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे, जिनकी पैरवी उसके पिता पुखराज करते थे। इसी रंजिश के चलते उसके पिता की हत्या की गई थी।

अदालत का फैसला और दोषियों का हंगामा

चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-4) ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जयदीप और पिंटू चौहान को हत्या का दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

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जैसे ही न्यायाधीश ने सजा का ऐलान किया, कटघरे में खड़े दोनों दोषी अपना आपा खो बैठे। उन्होंने कोर्ट में शोर मचाना शुरू कर दिया और न्यायाधीश की ओर इशारा करते हुए धमकी दी। दोषियों ने कहा, “हमें तुम्हारे घर और गांव का सब पता है। तुम्हें देख लेंगे, हम तुम्हें भी नहीं छोड़ेंगे।”

न्यायाधीश का कड़ा कदम और सुरक्षा व्यवस्था

भरी अदालत में न्यायाधीश को दी गई इस धमकी से कोर्ट परिसर में तनाव व्याप्त हो गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत पंवार ने बताया कि इस गंभीर स्थिति को देखते हुए न्यायाधीश ने जिला जज, गृह सचिव, डीजीपी, आईजी और डीआईजी को पत्र लिखकर कोर्ट में पर्याप्त पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

न्यायाधीश द्वारा लिखे गए पत्र में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि महत्वपूर्ण फैसलों के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने न्यायिक अधिकारी की सुरक्षा बढ़ा दी है। सीओ संग्राम सिंह ने पुष्टि की है कि संबंधित न्यायाधीश को सक्षम पुलिस सुरक्षा मुहैया करा दी गई है।

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