BCD चुनाव 2026: चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन में 67 वकीलों की उम्मीदवारी निलंबित

दिल्ली बार काउंसिल (BCD) चुनाव 2026 की मर्यादा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव अधिकारी (RO) न्यायमूर्ति तलवंत सिंह (सेवानिवृत्त) ने एक कड़ा आदेश जारी किया है। चुनाव नियमों और ‘आदर्श चुनाव आचार संहिता’ (MCC) के गंभीर उल्लंघन के चलते 67 वकीलों (अधिवक्ताओं) की उम्मीदवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

यह आदेश 22 फरवरी, 2026 को जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि उम्मीदवारों को पूर्व में दी गई सख्त चेतावनियों के बावजूद कई अधिवक्ताओं द्वारा नियमों की अवहेलना की गई।

विधिक प्रकरण और चुनाव अधिकारी का निर्णय

इस मामले का मुख्य आधार BCD चुनाव 2026 के लिए निर्धारित आचार संहिता का उल्लंघन है। चुनाव समिति ने फील्ड रिपोर्टों और पुख्ता सबूतों के आधार पर पाया कि चुनाव लड़ रहे कई वकीलों ने जानबूझकर चुनावी अनुशासन को तोड़ा है।

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अपने आदेश में न्यायमूर्ति तलवंत सिंह ने उल्लेख किया:

“चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए चुनाव समिति में निहित पूर्ण शक्तियों का प्रयोग करते हुए, सूची में शामिल 67 अधिवक्ताओं की उम्मीदवारी को तत्काल प्रभाव से ‘समरी सस्पेंशन’ (संक्षिप्त निलंबन) के तहत रखा जाता है।”

आचार संहिता के उल्लंघन के प्रमुख बिंदु

आदेश में उन गतिविधियों को रेखांकित किया गया है जो कानून और नियमों के विरुद्ध पाई गईं:

  • प्रतिबंधित प्रचार: मतदान क्षेत्र के बिल्कुल पास नारेबाजी करना और चुनाव प्रचार से संबंधित पर्चे बांटना।
  • अवैध निर्माण: मतदान केंद्रों के निकट टेंट लगाना और बड़े-बड़े फ्लेक्स होर्डिंग का प्रदर्शन करना।
  • बाहरी व्यक्तियों का जमावड़ा: मतदान परिसर में अनधिकृत बाहरी लोगों को बुलाना, जिससे मतदाताओं के आने-जाने में बाधा उत्पन्न हुई।
  • मतदान प्रक्रिया में बाधा: मतदाताओं के स्वतंत्र आवागमन को शारीरिक रूप से बाधित करना।
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अपील की अवधि और अग्रिम कार्रवाई

चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह निलंबन उम्मीदवारी को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में एक कदम है। समिति ने अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि वकीलों के इस प्रतिष्ठित चुनाव में किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि न हो।

निलंबित अधिवक्ताओं के पास इस निर्णय के विरुद्ध अपना पक्ष रखने के लिए बहुत कम समय है। आदेश के अनुसार, प्रभावित उम्मीदवार इसके खिलाफ 12 घंटे के भीतर अपील दायर कर सकते हैं। निलंबित किए गए 67 वकीलों की विस्तृत सूची आधिकारिक आदेश के साथ संलग्न की गई है।

BCD चुनाव दिल्ली के कानूनी जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, और चुनाव अधिकारी की इस सख्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी मर्यादा का उल्लंघन करने वाले किसी भी अधिवक्ता को बख्शा नहीं जाएगा।

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