तेज़ रफ्तार थार से दो लोगों को कुचलने के आरोपी को जमानत; दिल्ली हाईकोर्ट ने उम्र और आपराधिक इतिहास न होने को माना आधार

दिल्ली हाईकोर्ट ने चाणक्यपुरी में पिछले वर्ष कथित रूप से तेज़ रफ्तार थार से दो व्यक्तियों को कुचलने के आरोपी 26 वर्षीय युवक को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि आवेदक की कम उम्र, पूर्व आपराधिक इतिहास का अभाव और मामले की समग्र परिस्थितियों को देखते हुए उसे राहत दी जा सकती है।

न्यायमूर्ति मनोज जैन ने 19 फरवरी को पारित आदेश में निर्देश दिया कि आरोपी आशीष बच्चास को ₹25,000 के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक ज़मानती पर रिहा किया जाए, जिसकी संतुष्टि ट्रायल कोर्ट/सीजेएम/ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी।

अभियोजन के अनुसार, 10 अगस्त को सुबह लगभग 6:30 बजे टॉकरटोरा स्टेडियम के गेट नंबर-3 के पास आरोपी की कार ने दो व्यक्तियों को टक्कर मार दी थी। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस का कहना है कि वाहन की तलाशी के दौरान गांजा (21.26 ग्राम), तंबाकू (15.49 ग्राम), कोकीन (0.30 ग्राम), चरस (4.17 ग्राम), एमडी (23.47 ग्राम) और एलएसडी (2.6 ग्राम) बरामद हुई थी।

आरोपी के वकीलों ने दलील दी कि कथित एलएसडी के संबंध में कोई स्पष्टता नहीं है कि वह वास्तव में एलएसडी है या नहीं। अन्य सभी बरामद पदार्थ “छोटी” या “मध्यम” मात्रा की श्रेणी में आते हैं, जिनमें जमानत पर कानूनी रोक नहीं होती।
यह भी कहा गया कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल हो चुका है, जबकि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि वाहन से कई मादक पदार्थ बरामद हुए हैं और जब तक एफएसएल रिपोर्ट नहीं आती, यह मानकर नहीं चला जा सकता कि बरामद पदार्थ एलएसडी नहीं है।
हालांकि, पुलिस ने स्वीकार किया कि अन्य पदार्थों की मात्रा “छोटी” या “मध्यम” श्रेणी में आती है।

हाईकोर्ट ने ध्यान दिया कि आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और मामला 8 अप्रैल को आरोप तय करने के लिए सूचीबद्ध है। अदालत ने आवेदक की कम उम्र, पूर्व आपराधिक इतिहास के अभाव और मामले के समग्र तथ्यों को देखते हुए उसे जमानत देने का आदेश पारित किया।

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आरोपी की ओर से अधिवक्ता उज्ज्वल घई, भानु मल्होत्रा और ऋषभ अत्री ने पैरवी की।

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