इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ से 74 जनपदों के लिए ‘न्याय रथ’ रवाना, राज्य मध्यस्थता हेल्पलाइन का शुभारम्भ

दिनांक 14-02-2026 को सायं 03:15 बजे उच्च न्यायालय, लखनऊ खण्डपीठ के मुख्य न्यायाधीश पोर्टिको पर उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 74 जनपदों की जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों हेतु मल्टी-यूटिलिटी वाहनों के फ्लैग-ऑफ समारोह तथा राज्य मध्यस्थता हेल्पलाइन के शुभारम्भ का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय श्री न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा किया गया। इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति पंकज मिथल, न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय; माननीय श्री न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं संरक्षक-इन-चीफ, उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण; माननीय श्री न्यायमूर्ति डी.के. उपाध्याय, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय दिल्ली; माननीय श्री न्यायमूर्ति श्री चन्द्रशेखर, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय बम्बई; माननीय श्री न्यायमूर्ति महेश चन्द्र त्रिपाठी, वरिष्ठ न्यायाधीश, उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं कार्यपालक अध्यक्ष, उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा उच्च न्यायालय इलाहाबाद के अन्य माननीय न्यायाधीशगण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति विक्रम नाथ के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने देश में प्रथम बार सभी 74 जनपदों के लिए मल्टी-यूटिलिटी वाहनों की व्यवस्था कर एक अग्रणी पहल की है। आज देश इस पहल का अनुसरण कर रहा है, जो दूरदर्शी सोच के क्रियान्वयन का प्रमाण है।

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लखनऊ खण्डपीठ के पोर्टिको से सभी 74 जनपदों के लिए ‘न्याय रथ’ का फ्लैग-ऑफ इस बात का सशक्त संदेश है कि उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। ये ‘न्याय रथ’ मोबाइल विधिक सहायता क्लीनिक एवं मोबाइल मध्यस्थता केन्द्र के रूप में कार्य करेंगे, जिससे न्याय की पहुँच सीधे जरूरतमंदों तक सुनिश्चित हो सकेगी।

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इस अवसर पर उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मध्यस्थता हेल्पलाइन 1800-180-1212 का भी शुभारम्भ किया गया। इस हेल्पलाइन के माध्यम से कोई भी व्यक्ति मध्यस्थता द्वारा विवादों के समाधान हेतु निःशुल्क परामर्श एवं आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेगा। यह पहल वैकल्पिक विवाद निस्तारण (ADR) तंत्र को सुदृढ़ करने तथा त्वरित, सुलभ एवं प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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सम्पूर्ण कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की उस संवैधानिक प्रतिबद्धता को प्रतिबिम्बित करता है, जिसके अंतर्गत सभी को समान एवं प्रभावी न्याय तक पहुँच सुनिश्चित करना उसका मूल उद्देश्य है।

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