केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को बलात्कार और जबरन गर्भपात के एक मामले में कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को अग्रिम जमानत दे दी। यह मामला उनके खिलाफ दर्ज पहले यौन शोषण के मामलों में से एक है, जिसमें उन्हें अब गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।
न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागाथ ने पलक्कड़ के विधायक ममकूटाथिल की याचिका पर यह राहत दी, जिसमें उन्होंने तिरुवनंतपुरम सत्र न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
अदालत का विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह फैसला विधायक के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जो कुल तीन यौन शोषण मामलों का सामना कर रहे हैं।
इस मामले में उन्हें 6 दिसंबर 2025 से गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्राप्त थी। हालांकि यह उनके खिलाफ दर्ज पहला यौन उत्पीड़न का मामला था। बाकी दो मामलों में से एक में उन्हें पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि तीसरे मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था और वे दो सप्ताह से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहे, जिसके बाद उन्हें नियमित जमानत मिली।
इन मामलों के सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी ने ममकूटाथिल को निष्कासित कर दिया था। केरल की राजनीति में इन मामलों ने बड़ा विवाद खड़ा किया है। हाईकोर्ट के ताज़ा आदेश के बाद अब उन्हें तीन में से दो मामलों में गिरफ्तारी से राहत मिल चुकी है और वह अदालतों में अपना बचाव कर रहे हैं।

