सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल एस्टेट्स एक्विजिशन एक्ट, 1953 (WBEA Act) के तहत राजस्व अधिकारी (Revenue Officer) के पास ‘वेस्टिंग’ (संपत्ति निहित करने) के अपने पूर्व आदेश की समीक्षा (Review) करने की कोई वैधानिक शक्ति नहीं है। शीर्ष अदालत ने कहा कि स्पष्ट विधायी जनादेश के अभाव
