इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सितंबर 2025 में बरेली में हुई हिंसा के मामले में आरोपी नाज़िम राजा ख़ान को ज़मानत दे दी है। अदालत ने पाया कि जांच में उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला और सह-आरोपी मुस्तकीम को पहले ही ज़मानत मिल चुकी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली हिंसा मामले में आरोपी नाज़िम राजा ख़ान को ज़मानत प्रदान की है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की एकल पीठ ने पारित किया।
इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में 28 नामित और लगभग 200–250 अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया था। नाज़िम राजा ख़ान की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल की घटना में कोई संलिप्तता नहीं थी और जांच के दौरान भी ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सामने नहीं आया जो उसके अपराध में शामिल होने की पुष्टि करे।
वकील ने यह भी तर्क दिया कि हिंसा की घटना में केवल दो लोगों को साधारण चोटें आई थीं और यह दर्शाता है कि घटना का स्वरूप गंभीर नहीं था।
अदालत ने यह ध्यान में रखा कि इस मामले में पहले ही एक अन्य आरोपी, मुस्तकीम को ज़मानत दी जा चुकी है और दोनों मामलों में समानता होने के कारण नाज़िम को भी राहत दी जानी चाहिए।
यह मामला सितंबर 2025 में बरेली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ा है, जिसमें कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच अभी भी जारी है।

