मद्रास हाईकोर्ट ने पीएमके के ‘आम’ चुनाव चिन्ह पर रामदास की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को पट्टाली मक्कल काच्ची (PMK) के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. एस. रामदास द्वारा दायर याचिका पर चुनाव आयोग (ECI) को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में रामदास ने ‘आम’ चुनाव चिन्ह उनके गुट को आवंटित करने और इस संबंध में आधिकारिक पत्र भेजने की मांग की है।

मुख्य न्यायाधीश एम. एम. श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद के लिए सूचीबद्ध की।

रामदास की ओर से पेश हुए अधिवक्ता के. अरुल ने कोर्ट को बताया कि चुनाव आयोग ने गलती से आम चिन्ह के आवंटन से जुड़ी सूचना पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनुबमणि के पते पर भेज दी, जबकि वे अब पार्टी के सदस्य भी नहीं हैं।

रामदास ने याचिका में आरोप लगाया कि अनुबमणि ने चुनाव आयोग को झूठे और जाली दस्तावेज़ सौंपकर धोखाधड़ी की है। ये दस्तावेज़ 4 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दिए गए थे। रामदास ने कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों की सूची और कार्यालय का पता आयोग को पहले ही भेजा जा चुका है, साथ ही आम चिन्ह आवंटित करने का अनुरोध भी किया गया था।

READ ALSO  कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे पर रिपोर्ट से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं

जब मामला सुनवाई पर आया तो अनुबमणि की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. एल. राजाह ने अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने कहा— “हम आपकी बात नहीं सुनेंगे क्योंकि आप इस याचिका में पक्षकार नहीं हैं।” इस पर राजाह ने कहा कि वे मामले में हस्तक्षेप याचिका दायर करेंगे।

रामदास ने यह भी बताया कि जब हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट में यह मामला सुना गया था, तब चुनाव आयोग के वकील ने खुली अदालत में कहा कि चूंकि पार्टी अध्यक्ष पद को लेकर पिता-पुत्र के दो गुटों में विवाद है, इसलिए आयोग 2026 के चुनाव के लिए ‘आम’ चिन्ह फ्रीज़ कर देगा।

READ ALSO  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पवित्र ग्रंथ गुटका साहिब के पन्ने फाड़ने की आरोपी महिला को जमानत दी 

हालांकि, रामदास के अनुसार, अब तक आयोग ने न तो उन्हें इस बाबत कोई नई आधिकारिक सूचना भेजी है, न ही चिन्ह को औपचारिक रूप से फ्रीज़ किया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की। यह विवाद 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले पीएमके के भीतर नेतृत्व संघर्ष और पार्टी के चुनाव चिन्ह की स्थिति को लेकर गहराते संकट को दर्शाता है।

READ ALSO  बॉम्बे हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में सचिन वाजे को जमानत दी
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles