कलकत्ता हाईकोर्ट ने चुनावी ड्यूटी से सेवा शर्तों पर असर की आशंका जताने वाले LIC कर्मचारियों की याचिका पर EC और LIC से रिपोर्ट तलब की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के फील्ड वर्कर्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग (EC) और LIC को दो सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका में आशंका जताई गई है कि चुनाव आयोग द्वारा बार-बार चुनावी ड्यूटी पर लगाए जाने के कारण उनकी सेवा शर्तों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंश्योरेंस फील्ड वर्कर्स ऑफ इंडिया द्वारा दायर इस जनहित याचिका में कहा गया है कि उनके सदस्य, जो LIC के नियमित कर्मचारी हैं और जिन्हें तय लक्ष्य के अनुसार बीमा व्यवसाय लाना होता है, उन्हें चुनाव आयोग द्वारा बार-बार चुनाव संबंधी कार्यों में लगाया जा रहा है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में विशेष तीव्र पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) चल रहा है।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि कर्मचारी दोहरी जिम्मेदारी के दबाव में हैं। एक ओर वे संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग द्वारा सौंपे गए कर्तव्यों को निभा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर LIC द्वारा उनके निर्धारित लक्ष्यों को पूरा न करने पर उन्हें दंडित किए जाने का खतरा है।

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उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी तीन महीने से चुनावी कार्य में लगे हुए हैं और इस कारण वे अपने बीमा कार्य को समय नहीं दे पा रहे हैं।

याचिकाकर्ता ने प्रार्थना की कि अदालत यह स्पष्ट करे कि चुनाव आयोग की ड्यूटी के कारण LIC कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। साथ ही, यह अवधि उनके लक्ष्यों को अधूरा मानने में न गिनी जाए।

जस्टिस कृष्णा राव ने सुनवाई के दौरान सवाल किया कि जब कर्मचारियों को एक संवैधानिक संस्था के कार्य के लिए भेजा गया है तो फिर उनकी सेवा शर्तें कैसे प्रभावित हो सकती हैं?

न्यायालय ने मामले के निपटारे के लिए चुनाव आयोग और LIC दोनों को दो सप्ताह में अपना पक्ष हलफनामे के रूप में दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके बाद याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर उसका प्रत्युत्तर दाखिल करने की छूट दी गई है।

मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी 2026 को होगी।

LIC की ओर से पेश वकील ने बताया कि चुनाव आयोग के आदेश पर 1,210 कर्मचारियों को चुनावी कार्य में लगाया गया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चुनावी कार्य के कारण LIC का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।

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वहीं चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि कर्मचारियों को केवल कुछ विशेष दिनों के लिए ही चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया गया है।

यह याचिका पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में दाखिल की गई है। वर्तमान में निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्य में जुटा है।

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